NTPC बिहार के बांका ज़िले में ₹25,000 करोड़ के निवेश से दो नए न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने की योजना बना रही है। इस प्रोजेक्ट से राज्य में बिजली का प्रोडक्शन बढ़ेगा और यह 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी हासिल करने के भारत के टारगेट का हिस्सा है।
खास बातें :-
NTPC बिहार के बांका में दो न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाएगी।
इस प्रोजेक्ट में ₹25,000 करोड़ का निवेश होगा।
भारत के 100-गीगावाट न्यूक्लियर पावर टारगेट का हिस्सा।
नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर की बड़ी कंपनी NTPC एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता और रिसोर्स के डायवर्सिफिकेशन की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। कंपनी बिहार में दो नए न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने पर विचार कर रही है, जिससे बिजली बनेगी और राज्य में नौकरी के नए मौके बनेंगे। यहाँ प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी गई है।
बिहार के किस ज़िले में न्यूक्लियर पावर प्लांट होंगे?
NTPC ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बिहार के बांका ज़िले को चुना है, जो राजधानी पटना से लगभग 250 किलोमीटर दूर है। प्लान के मुताबिक, वहाँ 700 मेगावाट की कैपेसिटी वाली दो न्यूक्लियर यूनिट लगाई जाएँगी।
प्रोजेक्ट में कितना खर्च आएगा?
कुल इन्वेस्टमेंट लगभग ₹25,000 करोड़ होने का अनुमान है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इन दो न्यूक्लियर यूनिट को बनाने के लिए लगभग 1,000 हेक्टेयर ज़मीन की ज़रूरत होगी। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 1-गीगावाट (1,000-मेगावाट) का न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने में आमतौर पर ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ का खर्च आता है।
इसमें राज्य सरकार की क्या भूमिका है?
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए अभी एक फीजिबिलिटी स्टडी चल रही है। यह स्टडी पूरी होने के बाद, एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। प्रोजेक्ट को लेकर राज्य सरकार का रवैया बहुत पॉजिटिव है। बिहार सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए अपना पूरा सपोर्ट देने का भरोसा दिया है और ज़रूरी पानी की सप्लाई का भी भरोसा दिया है।
न्यूक्लियर एनर्जी के लिए NTPC का 'मास्टर प्लान' क्या है?
यह प्रोजेक्ट भारत सरकार और NTPC के भविष्य के एनर्जी लक्ष्यों का एक अहम हिस्सा है। भारत सरकार ने 2047 तक देश में 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर कैपेसिटी हासिल करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है।
इस विज़न के मुताबिक, NTPC देश भर में अलग-अलग जगहों पर कुल लगभग 30 गीगावाट न्यूक्लियर कैपेसिटी लगाने का प्लान बना रही है। कंपनी का अभी का लक्ष्य 2032 तक कम से कम 2 गीगावाट न्यूक्लियर कैपेसिटी हासिल करना है।
मुख्य बिन्दू :
NTPC का बिहार में ₹25,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी, NTPC, बिहार के बांका जिले में दो नए न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की योजना बना रही है। इस खबर ने बाजार में ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) के शेयरों के प्रति निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया है।
निवेश और क्षमता: NTPC इस प्रोजेक्ट में लगभग ₹25,000 करोड़ का निवेश करेगी। इसके तहत 700 मेगावाट की दो परमाणु इकाइयां (कुल 1,400 मेगावाट) स्थापित की जाएंगी।
रणनीतिक महत्व: यह प्रोजेक्ट भारत के 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। NTPC का लक्ष्य है कि 2032 तक उसकी अपनी न्यूक्लियर क्षमता कम से कम 2 गीगावाट तक पहुंच जाए।
बाजार पर प्रभाव: वर्तमान में NTPC का शेयर मूल्य (25 अप्रैल तक) लगभग ₹405 के आसपास ट्रेड कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी द्वारा एनर्जी पोर्टफोलियो में विविधता लाने (Diversification) से इसके लॉन्ग-टर्म वैल्यूएशन में सुधार होगा। बिहार सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए पानी की आपूर्ति और भूमि के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

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