बिहार में लोक आस्था के महापर्व चैती छठ 2026 की शुरुआत आज 'नहाय-खाय' के साथ हो गई। पटना के गंगा घाटों और औरंगाबाद के देव सूर्य मंदिर में उमड़ा जनसैलाब। जानें खरना का समय, मौसम का 'येलो अलर्ट' और प्रशासन की सुरक्षा तैयारियां। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।"
पटना/मुजफ्फरपुर: लोक आस्था, शुद्धता और सूर्य उपासना का महापर्व 'चैती छठ' आज रविवार से पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हो गया है। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन अनुष्ठान के पहले दिन यानी 'नहाय-खाय' के अवसर पर बिहार के कोने-कोने में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। पटना के गंगा घाटों से लेकर मुजफ्फरपुर की बूढ़ी गंडक और औरंगाबाद के देव सूर्य मंदिर तक, हर तरफ 'कांच ही बांस के बहिनगिया' के मधुर गीत गूंज रहे हैं।
नहाय-खाय: आत्मशुद्धि और संकल्प का दिन
महापर्व के पहले दिन व्रतियों ने पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर आत्मशुद्धि की। स्नान के पश्चात व्रतियों ने भगवान भास्कर का ध्यान किया और पूर्ण सात्विक भोजन ग्रहण किया। पारंपरिक रूप से आज के दिन अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू (लौकी) की सब्जी का प्रसाद बनाया गया। इस सात्विक भोजन को ग्रहण करने के साथ ही व्रतियों ने चार दिनों के निर्जला और कठिन उपवास का संकल्प लिया। घर के अन्य सदस्यों ने भी व्रतियों के भोजन करने के बाद इस प्रसाद को ग्रहण किया।
ऐतिहासिक देव सूर्य मंदिर में आस्था का जनसैलाब
औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक देव सूर्य मंदिर में चैती छठ के अवसर पर रिकॉर्ड भीड़ देखी जा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुंचे हैं। मान्यता है कि देव के त्रेतायुगीन मंदिर में पूजा करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। जिला प्रशासन ने यहाँ उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष टेंट व पेयजल की व्यवस्था की गई है।
प्रशासनिक सतर्कता और 'येलो अलर्ट' की चुनौती
इस बार चैती छठ के दौरान मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिससे गर्मी और उमस बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घाटों पर मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की व्यवस्था की है।
राजधानी पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कई घाटों को 'खतरनाक' घोषित किया गया है। इन घाटों पर लाल झंडे लगाकर बैरिकेडिंग की गई है ताकि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जा सके। एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मोटरबोट के जरिए लगातार गश्त कर रही हैं।
नगर निगम की विशेष तैयारी
नगर निगम ने छठ घाटों की सफाई, पहुँच मार्गों की मरम्मत और रोशनी की विशेष व्यवस्था की है। व्रतियों को कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम और घाटों तक पहुँचने के लिए सुगम रास्ते बनाए गए हैं। पटना नगर निगम के आयुक्त ने स्वयं विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
महापर्व का कार्यक्रम: आगे क्या होगा?
तिथि (Date),दिन (Day),अनुष्ठान (Ritual),विवरण
22 मार्च 2026,रविवार,नहाय-खाय,पवित्र स्नान और सात्विक भोजन (कद्दू-भात) के साथ व्रत का संकल्प।
23 मार्च 2026,सोमवार,खरना,दिनभर उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद।
24 मार्च 2026,मंगलवार,संध्या अर्घ्य,अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित करना।
25 मार्च 2026,बुधवार,उषा अर्घ्य,उदीयमान (उगते) सूर्य को अर्घ्य और पारण के साथ व्रत का समापन।
बिहार न्यूज प्रिंट की पूरी टीम की ओर से सभी व्रतियों और श्रद्धालुओं को चैती छठ की हार्दिक शुभकामनाएं। ऐसी ही खबरों और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए हमारे फेसबुक पेज "बिहार न्यूज प्रिंट" को फॉलो करें।
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