Ticker

6/recent/ticker-posts

UPI यूजर्स को बड़ी राहत: ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, लेकिन बैंकों की सब्सिडी पर कैंची चलाने की तैयारी में सरकार

देशभर में रोजमर्रा के लेन-देन के लिए यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।

UPI यूजर्स को बड़ी राहत: ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, लेकिन बैंकों की सब्सिडी पर कैंची चलाने की तैयारी में सरकार

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में रोजमर्रा के लेन-देन के लिए यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। चाय-नाश्ते से लेकर किराना खरीदारी तक दिनभर में कई बार क्यूआर (QR) कोड स्कैन कर भुगतान करने वाले लोगों के मन में यह संशय बना हुआ था कि क्या भविष्य में इन भुगतानों पर अतिरिक्त शुल्क (Convenience Fee या MDR) देना पड़ेगा। इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।

आम यूजर्स के लिए यूपीआई रहेगा पूरी तरह फ्री वित्त मंत्रालय की ओर से यह साफ किया गया है कि आम उपभोक्ताओं के डिजिटल भुगतानों पर कोई अतिरिक्त चार्ज लगाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। आम नागरिक पहले की तरह ही बिना किसी शुल्क के क्यूआर कोड स्कैन कर आसानी से त्वरित भुगतान कर सकेंगे। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और कैशलेस अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यूपीआई को सुगम और निःशुल्क बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

बैंकों को लग सकता है बड़ा झटका, सब्सिडी बंद होने के आसार एक तरफ जहां आम जनता को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ बैंकों और डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए खबर चिंताजनक हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को दी जाने वाली हजारों करोड़ रुपये की मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) क्षतिपूर्ति सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर विचार कर रही है। अब तक सरकार बैंकों को होने वाले नुकसान की भरपाई बजट के माध्यम से करती आई थी। इस सब्सिडी के बंद होने पर बैंकों को अपने स्वयं के स्तर पर लागत प्रबंधन और वैकल्पिक रेवेन्यू मॉडल तलाशने होंगे।