प्रशांत किशोर ने बिहार में आरक्षण को लेकर अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बनी रहे, लेकिन समाज में समानता के आधार पर समीक्षा हो।
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बिहार न्यूज़ प्रिंट / पटना. बिहार में इस समय रिज़र्वेशन कोटे के रिव्यू का मुद्दा गरम है। जन सूरज पार्टी के फाउंडर और बांकीपुर के MP प्रशांत किशोर ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने साफ़ किया कि रिज़र्वेशन कोटा सिस्टम बना रहना चाहिए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि रिज़र्वेशन कोटा सिस्टम का रिव्यू इस आधार पर किया जाना चाहिए कि मौजूदा सिस्टम ने लोगों को कितनी बराबरी दी है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में कई सालों से रिज़र्वेशन कोटे के क्लासिफिकेशन पर चर्चा चल रही है। मनमोहन सिंह सरकार के दौरान सब-क्लासिफिकेशन के लिए एक कमीशन भी बनाया गया था।
प्रशांत किशोर ने कहा कि रिज़र्वेशन कोटे के क्लासिफिकेशन का मुद्दा एक अलग मुद्दा है, लेकिन संविधान के तहत मौजूदा रिज़र्वेशन कोटा सिस्टम जैसा है वैसा ही रहना चाहिए।
जब रिज़र्वेशन कोटा का प्रोविज़न लागू किया गया था, तो उसका मकसद लोगों को बराबरी दिलाना था। इसलिए, जब तक बराबरी नहीं आ जाती, यह सिस्टम बना रहना चाहिए, इसमें कोई शक नहीं है।
बिहार में सब-कैटेगराइज़ेशन को लेकर चल रहा विवाद
जब से दिल्ली की सड़कों पर कोटा सिस्टम के रिव्यू की मांग को लेकर प्रोटेस्ट शुरू हुए हैं, बिहार की पॉलिटिक्स और भी गरम हो गई है। जीतन राम मांझी ने कोटा सिस्टम में सब-कैटेगरी की मांग उठाई है।

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